Sore throat in Hindi | गले में ख़राश व दर्द: लक्षण, कारण, इलाज

Sore throat in Hindi, गले में ख़राश होना एक आम समस्या है, जो समान्यतः लोगों को होता ही रहता है। जो थोड़े समय बाद अपने आप ठीक भी हो जाता है। लेकिन यह तब होता है जब गले में होने वाला ख़राश समान्य वायरल संक्रमण ही हो। इसलिए यह जानना ...

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Brijesh Yadav

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Sore throat in Hindi, गले में ख़राश होना एक आम समस्या है, जो समान्यतः लोगों को होता ही रहता है। जो थोड़े समय बाद अपने आप ठीक भी हो जाता है। लेकिन यह तब होता है जब गले में होने वाला ख़राश समान्य वायरल संक्रमण ही हो।

इसलिए यह जानना बेहद जरूरी है की गले में होने वाला ख़राश और दर्द समान्य वायरल संक्रमण है या नहीं। इसके लिए गले में होने वाले खराश को अच्छे से समझना बेहद जरूरी है।

इस ब्लॉग में हम समझेंगे की गले में ख़राश होने के कारण क्या होते हैं? और समान्य वाइरल संक्रमण से होने वाले ख़राश का लक्षण और इलाज क्या है? उससे पहले चलिए जानते हैं गले में ख़राश होना (Sore throat in Hindi) क्या होता है?

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गले में ख़राश के साथ दर्द क्या होता है? What is sore throat in Hindi

गले में सूखा, दर्द, खरोंच और खुजली जैसा महसूस करना ही sore throat यानी गले की ख़राश कहलाता है जो काफी दर्दनाक महशुस होता है।

अक्सर वाइरल संक्रमण के कारण गले की यह परेशानी होती है, इसलिए यह किसी भी उम्र के व्यक्ति और किसी भी लिंग महिला या पुरुष को हो सकती है।

अक्सर सुबह सो कर उठने के समय इसके लक्षण ज्यादा महसूस होते हैं, और दिन में कई बार इसके लक्षणों में बदलाव भी देखने को मिल सकता है जैसे सुबह के वक्त इसके लक्षण तेज हो सकते हैं और फिर थोड़े समय बाद इसमें कमी भी महसूस हो सकता है।

गले की ख़राश (Sore throat in Hindi) में बोलते समय या कुछ भी निगलते समय काफी तकलीफ हो सकता है। और कई लोगों की आवाज में वदलाव भी देखा जाता है।

नोट- गले में ख़राश के कुछ लक्षण गले के कैंसर से काफी मिलते जुलते हैं इसलिए इसमें सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।

गले में ख़राश के प्रकार। types of sore throat 

sore throat in hindi
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गले में ख़राश, दर्द, और खरोच किस कारण से हो रहा है, और गले के किस हिस्से में हो रहा है, यह देखने के बाद हम गले में होने वाले ख़राश को कई प्रकारों में विभाजित कर सकते हैं। जो निम्नलिखित बताया गया है:-

  • फरिंगिटिस (Pharyngitis): यह वायरल संक्रमण के कारण हो सकता है जैसे सामान्य सर्दी, या जीवाणु संक्रमण। और यह अक्सर ग्रसनी, गले के पीछे, टॉन्सिल और जीभ के पिछले हिस्से को प्रभावित करता है।
  • लरिंगिटिस (Laryngitis): यह स्वरयंत्र या आवाज बॉक्स को प्रभावित करता है, जिसमे गले में ख़राश महसूस होता है। और यह अक्सर आवाज में खिचाव, धुएं और वायरल इंफेक्शन के कारण होता है।
  • टांसिलाइटिस (Tonsillitis): यह गले के पिछले हिस्से में स्थित टॉन्सिल में सूजन के कारण होता है। जिसकी वजह अक्सर वायरल इंफेक्शन होता है।
  • स्ट्रेप थ्रोट (Strep throat): इस कंडीसन में गले में भयानक दर्द होता है कुछ निगलने में दर्द होता है और बुखार के लक्षण भी देखने को मिलते हैं। इसके होने का मुख्य कारण स्ट्रेप्टोकोकस बैक्टीरिया होता है जो गले में पाया जाता है।
  • मोनोनुक्लेओसिस (Mononucleosis): यह एक वायरल इंफेक्शन है और इस कंडीशन को किसिंग डिजीज भी कहते हैं क्योकि यह सलाइवा के सम्पर्क में आने के कारण होता है। इसकी वजह से गले में ख़राश, खांसी और बुखार हो सकता है।

गले में ख़राश के लक्षण

गले में ख़राश होने कई प्रकार के लक्षण देखतने को मिल सकते हैं जैसे :- 

  • गले में दर्द या बेचैनी
  • गले में लाली या सूजन
  • गले में खरोच या खुजली होना
  • निगलने में कठिनाई
  • आवाज में कर्कशता होना
  • बोलने में कठनाई।

कई मामलों में गले में ख़राश के लक्षण में बदलव भी आते रहते हैं जैसे सुबह सो कर उठते समय इसके लक्षणों में तेजी महसूस हो सकती है और धीरे धीरे इसके लक्षण कम हो सकते हैं।

कुछ अन्य लक्षण भी हो सकते हैं:-

  • खाँसी
  • थकान
  • सिरदर्द
  • गर्दन में सूजी हुई ग्रंथियां
  • बुखार (कुछ मामलों में)

गले में ख़राश होने के कारण। Causes of sore throats

गले में ख़राश के कई कारण हो सकते हैं जैसे:-

  • वाइरल इन्फेक्शन:- वाइरल इन्फेक्शन जैसे जुखाम-खासी, covid19 और मोनोनुक्लेओसिस (जो अन्य सलाइवा के संपर्क में आने से होता है) से गले में ख़राश हो सकती है।
  • जीवाणु संक्रमण: जीवाणु सक्रमण जैसे स्ट्रेप थ्रोट, टॉन्सिलिटिस और अन्य जीवाणु संक्रमण से गले में खराश हो सकती है।
  • एलर्जी: विभिन्न प्रकार की अलेर्जी से भी गले में ख़राश हो सकती है जैसे किसी खाने की चीज से अलेर्जी, धूल या धुएं से अलेर्जी आदि। 
  • शुष्क हवा: शुष्क हवा गले में जलन पैदा कर सकती है, जिससे गले में दर्द, जलन और ख़राश हो सकता है।
  • धुल-धुवाँ व केमिकल: पर्यावरण में फैले धुल और धुवाँ और अन्य रसायन की वजह से गले में ख़राश पैदा कर सकते हैं। खेतों में फ़र्टिलाइज़र के छिड़काव और स्मोकिंग की वजह भी गले में ख़राश बन सकती है।
  • पेट का एसिड ऊपर आना: अक्सर बहुत अधिक खा लेने से या पेट में किसी प्रकार की परेशानी से पेट में बन रहा एसिड उलटी के रूप में गले तक आ जाता है इससे भी ख़राश और जलन की समस्या हो सकती है।
  • बहुत जोर जोर से बात करना या चिल्लाना: काफी लम्बे समय तक बात करना और चिल्लाने से गले में खराश और दर्द हो सकता है।
  • चोट:- गले में किसी प्रकार की चोट या जख्म भी गले में ख़राश पैदा करती है।
  • ट्यूमर:- गले में किसी प्रकार का कैंसरस ट्यूमर भी गले में दर्द और ख़राश का कारण बन सकता है।

गले में ख़राश के घरेलु इलाज। Home remedies for a sore throat

समान्य वायरल इन्फेक्शन से होने वाले गले में ख़राश और दर्द अपने आप ठीक हो जाता है इसके लिए किसी डॉक्टर के पास जाने की जरूरत नहीं होती है। कुछ इसके लिए घरेलु नुस्खों को अपनाने से इसके तेज लक्षण में राहत मिल सकती है जैसे:-

नमक के पानी से गरारे करें:-

एक गिलाश पानी में आधा चम्मच नामक डाल कर दिन में कई बार गरारा करने से गले में ख़राश, दर्द और सूजन में बहुत रहत मिलती है। क्योकि नमक गले में मौजूद बैक्टीरिया और वायरस को मरने में मदद करता है।

गुनगुना तरल चीजें पियें:-

गर्म तरल चीजे जैसे चाय, सूप आदि पिने से ख़राश को काम करने में मदत मिलती है इसके अतरिक्त गर्म तरल चीजें बलगम और कफ को नहीं बनाने देता है।

शहद का इस्तेमाल करें:-

शहद कई बिमारियों में रामबाण इलाज साबित हो सकता है और शहद का इस्तेमाल गले के ख़राश में भी बहुत फायदेमंद होता है। सुबह और शाम 1 या 2 चिम्मच गुनगुने पानी के साथ शहद पिने से गले के ख़राश में रहत मिलता है।

अदरक का इस्तेमाल करें:-

अदरक को छील लें फिर उसको छोटे छोटे टुकड़ो में काट लें इसके बाद एक या दो गिलास पानी में देर तक उबालें जब तक अदरक का सारा रस पानी में न मिल जाये। इसके बाद इसको गुनगुना होने तक ठंडा होने पर इसका सेवन करें, निश्चित ही यह आपके गले के लिए फायेमंद शाबित होगा।

अपने गले को आराम देने के लिए कम से कम बोलें:-

गले को आराम देने से इसके ख़राश में काफी आराम पहुंचेगा इसलिए कम बोलें या जरूरत होने पर ही बोलने का प्रयास करें।

गले में ख़राश होने पर डॉक्टर को दिखाना चाहिए

हालाँकि गले में ख़राश 10 दिनों के अंदर ठीक हो जाता है बस थोड़ी देखभाल करने की जरूरत होती है। और ज्यादातर मामलों में डॉक्टर के पास जाने की जरूरत नहीं होती है।

लेकिन फिर भी हमारे मन में यह सवाल आता है की कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए?

गले में ख़राश को लेकर कब डॉक्टर के पास जा सकते हैं:-

  • गले में दर्द ज्यादा होने पर 
  • अगर गंभीर तरीके से गले में ख़राश हो रही हो।
  • मुँह को खोलने में कठनाई
  • गले में गांठ महसूस होना 
  • गले में बनाने वाले कफ में खून आना
  • गले की ख़राश को 10 दिन से ज्यादा हो गया हो
  • ख़राश की वजह से तेज बुखार होने पर

निष्कर्ष:-

गले में ख़राश एक समान्य वायरल इन्फेक्शन की वजह से होने वाली एक कंडीशन है जो लगभग 10 दिनों के अंदर ठीक हो जाता है जिसके लिए डॉक्टर से मिलाने की जरूरत नहीं पड़ती है लेकिन कुछ कंडीशन में जैसे गले में गांठ महसूस होने पर या कफ में खून आने पर डॉक्टर से जरूर मिलें।  

गले में ख़राश को कम करने के लिए कुछ घरेलु नुस्खों को आजमा सकते हैं जैसे गुनगुना पानी में थोड़ा नमक मिलकर पीना, गर्म तरल चीजें पीना जैसे चाय, सूप आदि।

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