सेहतमंद रहने के 3 वैज्ञानिक सिद्ध तरीके | Sehat Kaise Banaye

सेहतमंद कौन नहीं रहना चाहता है लेकिन इस भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अपने सेहत पर बहुत अधिक ध्यान नहीं दे पते हैं, और धीरे धीरे रोग ग्रस्त हो जाते हैं। इसलिए चलिए उन तरीकों की खोज करें जो हमें सेहतमंद रखने में मदत कर सकते हैं।

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Brijesh Yadav

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Sehat Kaise Banaye – हालाँकि प्रकृति ने हमारे शरीर को कई गुणों से नवाजा है उसमे से रोग प्रतिरोधक छमता होना भी एक है, जो हमारी लम्बी उम्र के लिए भी उत्तरदाई होता है।लेकिन अक्सर कई लोग लगातार कोई ना कोई सेहत से जोड़ी समस्या का समना करते हैं जो उनके रोज मर्रा के कामकाज में बाधा उत्पन्न करती है। जैसे बुखर, जुखाम, पेट से जुडी कोई न कोई समस्या का होना, अधिक थकान, चोट जल्दी ठीक न होना आदि।हालाँकि सेहतमंद कैसे रहें इसपर लोगों के विचारों में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन हम सेहतमंद रहने के 3 ऐसे तरीके बताएँगे जो साइंटिफिक तौर पर सिद्ध किये हुए हैं।और जिनको अपनाने से ना केवल आप सेहतमंद रहेंगे बल्कि स्वस्थ लम्बी आयु पा सकेंगे।सेहतमंद कैसे रहें। Sehat Kaise Banayeक्योकि हमारा शरीर रोगों से लड़ने की छमता विकसित करने के क़ाबिल है लेकिन हमरी ही कई गलतियों की वजह से वह छमता कमजोर हो जाती है, जिस कारण से छोटे मोटे रोग भी हमें बहुत परेशान करते हैं। और अक्सर हमें डॉक्टर के चक्कर काटने पड़ते हैं।तो चलिए जानते हैं सेहतमंद कैसे रहें (Sehat Kaise Banaye in hindi).स्वस्थ्य रहने के लिए खानपान पर रखे ध्यानहालाँकि हम अपने मन को संतुष्ट करने के लिए आज कल कुछ भी खा रहे हैं जो हमें अंदर से खोखला बना रहा है और हमें कई तरह के शारीरिक दिक्कतें होती है, जैसे मोटापा, कब्ज, गैस, अपच, सुस्ती, दिल सम्बन्धी बीमारिया आदि।एक स्वस्थ्य और लम्बें जीवन जीने के लिए और अच्छे स्वास्थ्य के लिए हमें अपने खान पान पर बहुत अधिक ध्यान देने की जरूरत है। और अपने शरीर की जरूरत के अनुसार पौष्टिक तत्वों को लेने की जरूर होती है। जिसमे आर्गेनिक हरी साग-सब्जियां, फल, और उच्य प्रोटीन और फाइबर डाइट शामिल करनी चाहिए।अधिक मीठी पेय पदार्थों से दूर रहेंऐसे पदार्थ जिसमे आर्टिफिसियल चीनी या मिठास अधिक मात्रा में हो जैसे कोल्ड्रिंग, सोडा, एनर्जी ड्रिंक, मीठी चाय, मिठाई आदि से परहेज करना चाहिए।अधिक मीठी चीजें पिने से मधुमेह के साथ मोटापा होने का खतरा होता है, जो ब्लड प्रेशर की समस्या को भी जन्म देता है। इससे शरीर के इम्यून सिस्टम पर भी नुकशान पहुँचता है।स्वास्थ्य रहने के लिए क्या पीना चाहिएस्वास्थ्य रहने के लिए साफ सुथरा पानी पीना ही सबसे बेहतर है, इसके अलावां आप फलों का जूस भी पी सकते हैं, या ऐसे पेय पदार्थों का उपयोग किया जा सकता है जिसमे चीनी की मात्रा काम हों जैसे– छाछ और दूध भी अच्छा विकल्प है।यह भी बहुत जरूरी है की आप अपने शरीर को हाइड्रेटेड रखें इसलिए नियमित रूप से अपने शरीर के अनुसार पानी जरूर पिएँ, डॉक्टर के द्वारा यह एडवाइस किया जाता है की 24 घंटे में कम से कम 5 लिटिर पानी पीना आवश्यक है।प्रोसेस्ड फ़ूड खाने से बचें प्रोसेस्ड फ़ूड वह खाना होता है जिसके स्वाद या देखने में जो अच्छा लगे, आदि चीजों को बढ़ने के लिए उसके मूल रूप में बहुत अधिक बदलाव लाया जाता है। जैस उसमे नमक, अधिक मिठास, तेल, आर्टिफिसियल रंग, या स्वाद आदि मिलाया जाता है।जिसमे अधिक मात्रा में वासा और कैलरी होती है, जो हमारे सेहत के लिए बहुत ही हानिकारक होता है। इसलिए प्रोसेस्ड फ़ूड खाने से परहेज करना चाहिए।प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों में शामिल हो सकता है, बर्गर, पिजा, चिप्स, केक आदि।नट्स और बीज खाने से परहेज ना करेंनट्स और बीज से मतलब बादाम, काजू, दलों आदि से है, हालाँकि कुछ लोगों को लगता है की नट्स और बीज में अधिक मात्रा में वासा होती है इसलिए वह इनको खाने से बचते हैं, लेकिन यह कहना बिलकुल गलत होता हैजाने – बादाम खाने के फायदे और नुकशाननट्स और बीज में बहुत अधिक मात्रा में पोषक तत्व होते हैं, उच्च मात्रा में फाइबर, विटामिन और मिनरल पाए जाते है,जो आपके पाचन क्रिया को बेहतर बनाते हैं, मोटापा काम करने में भी मदत करते हैं, शारीरक मेटाबोलिज्म और इम्यून सिस्टम को भी बेहतर बनाते हैं, मधुमेह और दिल की बिमारियों का जोखिम को भी कम करने में मदत करते हैं।नशीले पदार्थो के सेवन से रहें दूरधूम्रपान और किसी भी प्रकार के अन्य नशीले पदार्थों के सेवन करने से हमारे सेहत पर बहुत से नेगेटिव प्रभाव होतें हैं।अगर आप किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों का सेवन करते हैं तो कैंसर, अस्थमा, और अन्य कई तरह की बिमारियों का खतरा बढ़ता है, उम्र में कमी भी आती है।इसलिए नशीले पदार्थों के सेवन से अपने आपको बचाएं ताकि आप सेहतमंद और लम्बा जीवन जी सकें।स्वस्थ्य रहने के लिए शारीरिक एक्टिविटी है बहुत जरूरीटेक्नॉलजी के विकास के साथ हमारा जीवन जीना बहुत आसान जो गया है, लेकिन इसके साथ हमारी शारीरिक एक्टिविटी बहुत हद तक कम हो भी गई है, जो कई तरह की बीमारयों के होने का एक मुख्य कारण होता है।कम एक्टिविटी होने के कारण मोटापा, कब्ज, पेट सम्बन्धी अन्य बीमारियां, बॉडी पेन, कमजोर दिमाग, बवासीर आदि होने का खतरा अधिक होता है।इसलिए कुछ ना कुछ शारीरिक एक्टिविटी जरूर करें, आलस बिलकुल भी न करें।जाने — दिमाग तेज कैसे करें?नियमित व्ययाम और योग करेंनियमित व्यायम और योग करने से हमारे हेल्थ में सुधार होता है और हमरी उम्र लम्बी भी होती है। जिससे हृदय रोग, स्ट्रोक और अन्य हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा कम हो सकता है।यह टाइप 2 मधुमेह, मोटापा और कुछ प्रकार के कैंसर जैसी पुरानी बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद कर सकते हैं।नियमित व्यायाम और योग मांसपेशियों की ताकत बनाने, लचीलापन बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। व्यायाम और योग एंडोर्फिन जारी करके तनाव और चिंता को कम करने में भी मदद कर सकते हैं।यह प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में मदद कर सकते हैं, जिससे हमारा शरीर संक्रमण और अन्य बीमारियों से लड़ने में सक्षम हो जाता है।व्ययाम और योग करना बहुत जरूरी है इसलिए कम से कम आधा घंटा इनको करने की प्रेक्टिस जरूर करें।पर्याप्त नींद जरूर लेंगहरी और अच्छी नींद को कम आंकना आपकी बहुत बड़ी गलती हो सकती है, क्योकि गहरी नींद आपके मानशिक विकारों को बढ़ने से रोकता है, भूख को नियंत्रित रखता है और मोटापा को कम करने में मदत करता है। और अन्य प्रकार की बिमारियों से लड़ने और उसके जोखिम को कम करता है।क्योकि जब हम गहरी नींद में होते हैं तो हमारी बॉडी अपने अंदर आये विकारों से लड़ने का कम कर रही होती है यानि बॉडी गहरी नींद में अपने आपको रिकवर करती है।एक स्वास्थ्य शरीर के लिए पर्याप्त नींद बहुत जरूरी है इसलिए सोने से पहले हाई आर्टिफीसियल रोशनी से दूर रहना चाहिए जैसे मोबाइल और कंप्यूटर की लाइट आदि। और कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद लेना चाहिए।सेहतमंद रहने के लिए मानसिंक स्वास्थ्य भी है बहुत जरूरी।मानसिक रूप से उलझे रहने से हमारे सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ता है जैसे बालों का झड़ना, सफेद बाल, त्वचा का मुरझाना, सर दर्द, ब्लड प्रेशर, स्ट्रोक, जीवन कम होना आदि।इसलिए तनाव और उलझन से जितना बचा जा सके उतना बचने की कोशिश करनी चाहिए।मानसिक उलझनों से निपटने के लिए आप अपने नजदीकी रिश्तों या दोस्तों में समय बिता सकते हैं, उनसे अपनी परेशानी को साँझा कर के मदत मांग सकते हैं।शोध में यह सिद्ध हुआ है की जिन लोगों की सोशल लाइफ सही होती है वह अधिक स्वास्थ्य और लम्बा जीते हैं।मैडिटेशन करेंक्योकि तनाव और मानसिक उलझन ब्लड प्रेशर, मधुमेह, और ह्रदय संबंधी बिमारियों को बढ़ावा दे सकता है इसलिए इससे बचने के लिए मैडिटेशन करना यानि ध्यान लगान बहुत लाभदायक हो सकता है।यह रिसर्च में भी सावित हुआ है की ध्यान लगाने वाले लोगों में दिमागी ताकत अधिक होती है, और वे अपने आस पास के परिस्थितिओं से अधिक परिचित होते हैं। तनाव अदि मानशिक दिक्कतों से अच्छे से मुकाबला कर सकते हैं।इसलिए कम से कम रोजाना 10 से 15 मिनट मैडिटेशन कर सकते हैंजाने – माइंडफुलनेस मेडिटेशन क्या है, कैसे करें निष्कर्षस्वस्थ्य रहना और लम्बी जिंदगी की कामना करना विभिन्न कारकों पर निर्भर करता है जैसे कि संतुलित आहार खाना, हाइड्रेटेड रहना, नियमित व्यायाम करना, पर्याप्त नींद लेना, तनाव का प्रबंधन करना, धूम्रपान से बचना और अत्यधिक शराब का सेवन नहीं करना।इन आदतों को अपनी दिनचर्या में शामिल करके से आप न केवल अपने शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार कर सकते हैं बल्कि अपने मानसिक स्वास्थ्य को भी बढ़ा सकते हैं।याद रखें, अपना ख्याल रखना आपकी पहली प्राथिमकता होनी चाहिए, और सिर्फ अपनी जीवनशैली में छोटे, स्थायी परिवर्तन करने से ही लंबे समय तक आपके स्वास्थ्य पर सकारात्मक और महत्वपूर्ण प्रभाव देखने को मिल सकता है।

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